Bihar Nation
सबसे पहेले सबसे तेज़, बिहार नेशन न्यूज़

औरंगाबाद: बारिश के दौरान वृक्ष के नीचे छुपे दो युवक, वज्रपात से हुई मौत

0 135

 

जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: बिहार में आकाशीय बीजली का कहर जारी है। यहाँ लगातार बिजली यानी वज्रपात से कई लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र है। जहाँ वज्रपात से शुक्रवार कि बाघाकोल गांव के चौकीदार लखन यादव के 25 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार और उदयभान चक गांव के प्रकाश चौधरी की मौत हो गई ।

मिली जानकारी के मुताबिक ये युवक शाम में धान को देखने पास के ही खेत तरफ गये थे। इसी दौरान बारिश होने लगी । दोनों युवक बारिश से बचने के लिए खेत के पास पेड़ के नीचे छुप गये । तभी बिजली कड़की और पेड़ पर गिर गई। तुरंत दोनों की मौत इसके चपेट में आते ही हो गई ।

वज्रपात

हालांकि आनन-फानन में दोनों युवकों को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया । जैसे ही दोनों के मौत की खबर गांव के लोगों को मिली कोहराम मच गया। पूरा गांव में मातम छा गया। वहीं सूचना मिलते ही हसपुरा थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया। जहाँ पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

वैसे आपको बता दें कि शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आई बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से 8 लोगों की मौत हो गई। वज्रपात की चपेट में आने वाले लोगों में गया के 5, जहानाबाद के 2 और औरंगाबाद का एक शख्स शामिल है। सीएम नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपए अनुदान देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान पूरी तरह से सतर्कता बरतें और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें।

आपको बता दें कि इस बार प्रदेश में कुछ जिले ऐसे हैं जहाँ बारिश न के बराबर हुई है। लेकिन हल्की बारिश के होते ही वज्रपात अधिक हो रही है। लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बार-बार यह गाइडलाइन जारी किया जाता है कि बारिश के दौरान किसी वृक्ष के नीचे न छुपे । फिर भी लोग ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी जान चली जा रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.