Bihar Nation
सबसे पहेले सबसे तेज़, बिहार नेशन न्यूज़

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस: शिक्षा सेवकों की रैली को बीडीओ एवं उपप्रमुख ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

0 106

 

जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित बीआरसी से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर गुरुवार को शिक्षा सेवक तालिमी मरकज के द्वारा साक्षरता रैली निकाली गयी। रैली का सफल आयोजन प्रखंड अध्यक्ष श्री राम रजक, जिला मीडिया प्रभारी उदय कुमार शिकारी, संरक्षक रामकेवल रजक, उप सचिव राम सुरेश चौधरी, के देखरेख में किया गया। साक्षरता रैली को रवाना प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमुद रंजन, पूर्व उपप्रमुख रविंद्र सिंह, उपप्रमुख प्रतिनिधि उदय यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया।

बिहार नेशन मीडिया

वहीं रैली बीआरसी से निकलकर शिवनाथ बिगहा मोड़,थाना मोड़, अस्पताल रोड, संघत रोड, दुर्गा चौक, मेन बाजार होते हुए एन एच 2 के रास्ते प्रखंड परिसर में समाप्त हुआ। रैली में शामिल श्याम रजक, नागेंद्र कुमार, वीरेंद्र चौधरी, संतोष रिकीयासन,अखिलेश कुमार, कृष्णा सिंह भोक्ता, कौलेश्वर सिंह भोक्ता, विश्वनाथ रजक, सुनील रजक, मोहन रजक, सरोज चौधरी, पिन्टू चौधरी,धनंजय रजक सरिता कुमारी, इंदु कुमारी, सुचिता कुमारी संदीपा कुमारी,सहित सभी शिक्षा सेवक तालिमी मरकज उपस्थित रहें।

जबकि इस दौरान साक्षरता रैली में शिक्षा सेवकों के द्वारा साक्षरता नारा लगाया गया. . .

पढ़ी-लिखी जब होगी माता, घर की बनेगी भाग्य विधाता।
जो नाम नहीं लिख पाएगा, वह जीवन भर पछताएगा।
नारी शिक्षित,तो समाज शिक्षित।

बहुत हुआ चूल्हा चौका,महिलाओं को दो पढ़ने का मौका।
नारी को भी पढ़ना है,शान से आगे बढ़ना है।

उपरोक्त ये सभी नारे साक्षरता रैली में लगाए जा रहे थें।
रैली समापन के पश्चात प्रखंड मुख्यालय में एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

इस गोष्ठी में मीडिया प्रभारी उदय कुमार शिकारी ने कहा -कि आज बिहार में साक्षरता दर तेजी से बढ़ा है जिसमें शिक्षा सेवकों एवं तालिमी मरकज की भूमिका काफी सराहनीय है। वहीं प्रखंड अध्यक्ष श्री राम रजक ने कहा कि शिक्षा सेवक तालिमी मरकज अपना कार्य बखूबी निभाता है। लेकिन सरकार इनके कार्य के अनुसार मानदेय नहीं दे पा रही है। नई सरकार से उम्मीद है कि शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज को अब वेतनमान मिलेगा।

आपको बता दें कि हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (International Literacy Day 2022) मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को साक्षर होने के लिए जागरुक करना है। पूरी दुनिया के लोग इस दिन को मनाने लिए आगे आते हैं और अपने-अपने स्तर पर कई कार्यक्रम का आयोजन करते हैं।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.