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इसे कहते हैं जुनून: शादी के 13 साल बाद दो बच्चों की मां अनीता बन गई दारोगा

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: अगर आपके अंदर कुछ करने का जज्बा और जुनून हो तो न पैसे आड़े आती है और न उम्र । सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी। बस जरूरत है तो हौसला और उस हिम्मत की। कुछ इसी तरह की कहनी है उस महिला की जो  शादी  के एक या दो नहीं बल्कि तेरह वर्षों के बाद वो कर दिखाया है जो किसी को भी प्रेरणा देता है। बात हो रही बिहार में दारोगा परीक्षा के अंतिम परिणाम की। जहानाबाद की अनीता जो दो बच्चों की मां हैं उन्होंने शादी के 13 साल बाद भी अपने जज्बे और हौसले से दारोगा की अंतिम परीक्षा पास कर ली है।

कहानी कुछ इस तरह कि है. . . . अनीता की 13 साल पहले शादी हुई थी और उसके बाद वो हाउस वाइफ बन गईं। इस दौरान अनीता को दो बेटे भी हुए लेकिन शादी के बाद भी अनीता ने पढाई कायम रखी और बच्चों के जन्म के बाद उन्होंने नौकरी की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान उनके पति ने घर का जिम्मा संभाला। अनीता ने पहले सिपाही की नौकरी हासिल की और अब उसी विभाग में दारोगा बन गईं।

अनीता के पति जहानाबाद के होरिलगंज मोहल्ला स्थित तंग गलियों में आटा चक्की की मशीन चलाते हैं। संतोष आटा चक्की के माध्यम से किसी तरह अपनी पत्नी और दो बच्चों का परिवार चला रहे थे लेकिन पत्नी को गृहस्थी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अनीता कहती हैं कि शादी के 10 साल बाद उन्होंने कुछ करने की ठानी और पहले पुलिस ज्वाइन कर अपना दमखम दिखाया। हौसलों को थोड़ा बल मिला और 2020 में जब दारोगा की वैकेंसी निकली तो उन्होंने ठान लिया कि अब यही नौकरी करनी है। रोहतास में आरक्षी के पद पर नौकरी करते हुए अनीता ने पहले पीटी फिर फिजिकल निकाला और फाइनली एसआई की नौकरी ले ली।

जब परीक्षा का परिणाम आया तो परिजनों में खुशी का ठिकाना न रहा। अनीता जब जहानाबाद घर पहुंची तो परिजनों ने मिठाई खिलाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। आपने अक्सर एक कहावत सुना या पढ़ा होगा कि हर सफल पुरूष के पीछे एक नारी का हाथ होता है। लेकिन यहाँ विपरीत हुआ। यहाँ अनीता की सफलता के पीछे उसके पति का हाथ रहा जो हर कदम पर उन्होंने पत्नी का साथ दिया।

मेरी अपील: मेहनत और जज्बे में वो शक्ति होती है जो किसी भी लक्ष्य को भेद सकती है। अगर आपके अंदर भी वो जुनून और जज्बा है तो हिम्मत और हौसला न हारें । अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे । सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी । औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र में भी कई गरीब परिवार के छात्रों ने इस परीक्षा में अपनी मेहनत के बदौलत सफलता का परचम लहराया है। इसलिए उनसे सीख लें। जो उस क्षेत्र से जुड़े हैं। और हौसला बनाए रखें ।

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