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औरंगाबाद में डीएम, एसपी समेत कई पदाधिकारियों ने किया विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान का निरीक्षण, की अपील

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: आज दिनांक 11.03.2023 को जिला पदाधिकारी सह-अध्यक्ष, जिला निरीक्षण समिति एवं पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद और निरीक्षण समिति के अन्य सदस्य यथा अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई -सह- पुलिस उपाधीक्षक (मु०-1) जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्था० (शिक्षा) एवं सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई -सह- सदस्य सचिव एवं अन्य के द्वारा समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 65 के अधीन शहर के कर्मा रोड में बी. एल. इण्डो स्कूल के सामने स्थित आरोहण विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया।

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निरीक्षण के दौरान उक्त संस्थान में 06 बच्चे (विशेष आवश्यकता वाले 03 बच्चे सहित) आवासित थे एवं समन्वयक, सामाजिक कार्यकर्त्ता, आया आदि विभिन्न कर्मी भी मौजूद थे। विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में 0-6 वर्ष के देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमंद 10 बच्चों का आवासन कराया जाता है। जिले के अनाथ निराश्रित एवं परित्यक्त बच्चे जिनके माता पिता / अभिभावक / रिश्तेदार की खोज नहीं की जा सकती वैसी बच्चों को दत्तक ग्रहण विनिमय 2022 के प्रावधानानुसार उपयुक्त दम्पति को कानूनी रूप से गोद दिया जाता है। अवैध रूप से गोद लेना एवं देना दंडनीय अपराध है। अनाथ निराश्रित एवं परित्यक्त बच्चों को गोद देने हेतु जिले में विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान फैसिलिटेशन सेन्टर के रूप में कार्य करती है गोद लेने वाले कोई भी इच्छुक दम्पति अपना ऑनलाईन निबंधन Central Adoption Resource Authority के बेवसाईट पर करा सकते है। गोद लेने-देने की सारी प्रक्रिया ऑनलाईन है।

उक्त मौके पर जिला पदाधिकारी द्वारा संस्थान में आवासित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के संबंध में उपस्थित चिकित्सक से विशेष जानकारी ली गई एवं मौजूद कर्मियों को सभी बच्चों का उपयुक्त तरीके से देख-भाल करने हेतु निदेशित किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी आम जनों से अपील भी किया जाता है कि बच्चे को असुरक्षित तरीके से नहीं फेंके बल्कि उसे ‘आरोहण’ विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के बाहर लगे झूले में किसी अस्पताल में अथवा पुलिस थाना में ही रखें। सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ-साथ निजी अस्पताल संचालक एवं कर्मचारियों की वैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों के प्राप्त होते ही इसकी सूचना बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई को दें अथवा समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। जानकारी छुपाने अथवा अवैध तरीके से बच्चे को किसी को गोद देने अथवा बेचने आदि की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।

(सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, औरंगाबाद)

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