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बिहार: विधानपरिषद के 24 सीटों में भाजपा 12 तो जेडीयू 11 सीटों पर लड़ेगी,मांझी और मुकेश सहनी हुए बाहर

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: बिहार में विधानपरिषद की 24 सीटों के लिए होनेवाले चुनाव को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच लंबे समय से चला आ रहा टकराव आज यानी शनिवार को समाप्त हो गया । दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी के बिहार प्रभारी केंद्रीय श्रम मंत्री के बीच एक घंटे तक बातचीत चली । इसके बाद सीटों को लेकर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सहमति बनने के बाद संयुक्त पत्रकार वार्ता में भूपेन्द्र यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल, उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व जदयू की तरफ से शिक्षा मंत्री विजय चौधरी और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा शामिल हुए. इसके बाद यह ऐलान किया गया कि 12 सीटों पर भाजपा, 11 सीटों पर जदयू और एक सीट भाजपा अपने कोटे से राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी अर्थात पशुपति कुमार पारस की पार्टी को देगी। भाजपा ने कहा कि उसे एक सहयोगी पार्टी रालोजपा को देना है। इसलिए जदयू ने भी एक सीट पर दावा कम कर 11 सीटों पर लड़ने का फैसला लिया।

विधानपरिषद

विजय चौधरी ने बताया कि भाजपा और जदयू किन सीटों पर लड़ेगी। भाजपा जिन तेरह सीटों पर लडेगी, उनमें रोहतास, औरंगाबाद, सारण, सीवान, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, गोपालगंज, बेगूसराय और वैशाली इसमें से भाजपा वैशाली सीट पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा के लिए छोड़ेगी।

जबकि जदयू पटना, भोजपुर, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, प. चंपारण, सीतामढी, भागलपुर, मुंगेर, नवादा और मधुबनी सीट पर लडेगी। वहीं, पत्रकारों के द्वारा जब यह पूछा गया कि जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी के लिए कोई भी सीट नहीं छोड़ी गई है। इसपर विजय चौधरी ने कहा कि उन्हें विश्वास में लिया जायेगा।

भूपेंद्र यादव ने भी कहा कि सहयोगी पार्टियों को भी विश्वास में लिया जायेगा। यानि उन्हें सीट नहीं भरोसा दिया जायेगा। बता दें कि राज्य में जुलाई 2021 से ही 24 सीटों पर रिक्ति है। स्थानीय निकाय प्राधिकार क्षेत्र से कार्यकाल पूरा करने वाले 19 विधान पार्षद हैं, जबकि तीन विधान पार्षद चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं। वहीं, दो विधान पार्षदों के निधन से सीटें पहले ही रिक्त हो गई थीं। इसमें हरिनारायण चौधरी और सुनील कुमार सिंह थे।

जबकि कार्यकाल पूरा करने वाले 19 विधान पार्षदों में मनोरमा देवी, रीना यादव, राधाचरण साह, संतोष कुमार सिंह, सलमान रागीब, राजन कुमार सिंह, सच्चिदानंद राय, टुनाजी पांडेय, बबलू गुप्ता, दिनेश प्रसाद सिंह, सुबोध कुमार, राजेश राम, दिलीप जायसवाल, संजय प्रसाद, अशोक अग्रवाल, नूतन सिंह, सुमन कुमार, आदित्य नारायण पांडेय और रजनीश कुमार हैं।

वहीं, मनोज कुमार, रीतलाल यादव और दिलीप राय विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर विधायक हैं। पंचायत चुनाव के चलते जिन 24 विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है, उनमें पटना स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, नालंदा स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, गया सह जहानाबाद सह अरवल स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, औरंगाबाद स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, नवादा स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, भोजपुर सह बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, रोहतास सह कैमूर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, सारण स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, सीवान स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र, गोपालगंज स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र और पश्चिम चंपारण स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

आपको बता दें कि औरंगाबाद जिले से बीजेपी के दिल्लीप सिंह तो वहीं आरजेडी से अनुज कुमार सिंह इस चुनाव के मैदान में है।

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