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बड़ी खबर: पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा एलान,दो से अधिक बच्चे वाले नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

पंचायती राजमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार इस नियम को लागू करनेवाला सबसे पहला राज्य बन गया है. सीएम नीतीश कुमार ने इसे पहले लागू किया है. मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था तो पहले से है

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जे.पी.चन्द्रा की विशेष रिपोर्ट   

बिहार नेशन: इस वक्त पंचायत चुनाव को लेकर बिहार से बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार में भी यूपी की तर्ज पर जनसंख्या कानून के मसले पर सियासत तेज हो गई है. नीतीश सरकार यहाँ भी इससे संबंधित एक नया नियम लाने जा रही है. इस नियम के तहत दो से अधिक बच्चों वाले पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. इस बारे में पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार इस दिशा में कानून बनाने जा रही है कि दो से अधिक बच्चे वाले ग्राम पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. मंत्री ने तो यहाँ तक कह दिया कि दो से अधिक बच्चों वालों को सरकार की सभी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाना चाहिए.

पंचायती राजमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार इस नियम को लागू करनेवाला सबसे पहला राज्य बन गया है. सीएम नीतीश कुमार ने इसे पहले लागू किया है. मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था तो पहले से है लेकिन अब इसे नगर निकाय से ग्राम पंचायत चुनाव तक लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ‘जब ये नियम बनेगा. तो कानून लागू होने में एक साल लगेगा. एक साल बाद ही यह प्रभावशाली होगा. साल 2026 के लिए तैयारी की जाएगी. लेकिन इस कानून की अब सख्त आवश्यकता है. लोग अब पढ़ रहे हैं. जो लोग शिक्षित होते हैं उनका प्रजनन दर कम होता है. नगर पंचायत की तरह उन्हें ग्राम पंचायत चुनाव भी लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसपर अभी काम चल रहा है.’

सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘बिहार ऐसा पहला राज्य है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस नियम को सबसे पहले लागू किया है. ग्रामीण इलाकों में चुकी शिक्षा का आभाव है. इसलिए इस नियम को ग्राम पंचायत के चुनाव में लागू नहीं किया गया. लेकिन अब ग्राम पंचायत में भी इसे लागू किया जायेगा.’ इतना ही नहीं मंत्री ने तो ये भी कह दिया कि ‘बिहार सरकार के अन्य लाभकारी योजनाओं से, फैसिलिटी से वैसे लोगों को वंचित किया जाये, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं.”

गौरतलब हो कि बीते दिन सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम नीतीश ने कहा कि “जनसंख्या नियंत्रण को लेकर केवल कानून बनाकर नहीं बल्कि महिलाओं को पूरी तरह शिक्षित करके ही प्रजनन दर को कम किया जा सकता है. कोई भी प्रदेश जो करना चाहे वो करे. लेकिन हमारी सोच है कि सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण के लिए अगर आप केवल कानून बनाकर उसका उपाय करना चाहेंगे तो यह संभव नहीं है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “किसी भी देश को देख लें, क्या स्थिति है. हम समझते हैं कि जब महिलाएं पूरी तरह पढ़ी-लिखी होंगी तो खुद प्रजनन दर घटेगी. बिहार में लड़कियों की शिक्षा पर हम लोगों ने जो विशेष ध्यान दिया है. उसका रिजल्ट अब दिखने लगा है. बिहार में प्रजनन दर चार के ऊपर था, जोकि घटते-घटते अब तीन के पास पहुंच गया है. हम समझते हैं कि 2040 तक यह स्थिति नहीं रहेगी और उसके बाद प्रजनन दर खुद ही घटने लगेगी. हम लोग इसी योजना पर काम कर रहे हैं.”

सीएम नीतीश कुमार के इस बात से स्पष्ट है कि उनका इस मामले में मंत्री सम्राट चौधरी से अलग राय है. सीएम नीतीश ने तो यहाँ तक कह दिया कि बहुत से लोगों की सोंच है कि कानून बना देने से जनसंख्या पर नियन्त्रण हो जाएगा . ये उनकी सोच है. लेकिन हमारी सोच है कि महिलाओं का पढ़ा लिखा होना सबसे ज्यादा जरूरी है. हालांकि उपेन्द्र कुशवाहा ने भी कहा है कि जनसंख्या नियन्त्रण कानून आना चाहिए. क्योंकि इसका संसाधन पर फर्क पड़ता है.

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