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बिहार: VIP नेता मुकेश सहनी ने ठुकराया एनडीए का ऑफर, नहीं बनेंगे MLC

बिहार की सियासत में फिर से एक नया मोड़ आ गया है। वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश साहनी ने विधानपरिषद सीट के लिये होनेवाले उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

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BIHAR NATION : बिहार की सियासत में फिर से एक नया मोड़ आ गया है। वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी ने विधानपरिषद सीट के लिये होनेवाले उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। दरअसल बिहार में एनडीए के सामने इसे लेकर एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। खासकर बीजेपी के लिये यह चुनौती अधिक महत्वपूर्ण है। बता दें कि बिहार विधान परिषद की 2 सीटों के लिए 28 जनवरी को उपचुनाव होगा। भाजपा ने राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को जहां उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी सीट पर भाजपा, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को भेजना चाहती है।

दरअसल बात यह है कि विकासशील इंसान पार्टी यानी वीआइपी के नेता मुकेश सहनी अधूरे कार्यकाल वाली सीट से उम्‍मीदवार नहीं बनना चाहते हैं।वे चाहते हैं कि उन्‍हें पूरे छह साल कार्यकाल वाली सीट से चुनकर बिहार विधान परिषद में भेजा जाए।फिलहाल विधान परिषद की जिन दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उनका कार्यकाल क्रमश: करीब चार साल और डेढ़ साल ही बचा है। सूत्रों के मुताबिक जिस सीट से मुकेश सहनी को उम्‍मीदवार बनाए जाने की तैयारी है, उसका कार्यकाल केवल डेढ़ साल ही (21 जुलाई 2022 तक) बचा है। यह सीट विनोद नारायण झा के विधानसभा में चुने जाने के बाद रिक्‍त हुई है।

वहीं विधान परिषद में रिक्‍त हुई दूसरी सीट पर शाहनवाज हुसैन को उम्‍मीदवार बनाया गया है। यह सीट सुशील कुमार मोदी के राज्‍यसभा में चुने जाने के बाद रिक्‍त हुई है। इस सीट का कार्यकाल करीब चार साल बचा है। मुकेश सहनी की टीस भी इसी बात को लेकर अधिक है। इसके बावजूद उन्‍होंने खुद इस मुद्दे पर अब तक मुंह नहीं खोला है। उनकी पार्टी के प्रवक्‍ता राजीव मिश्रा ने दावा किया है कि मुकेश नामांकन दाखिल नहीं करेंगे।

आपको बता दे कि बिहार विधानसभा में पहली बार वीआइपी से चार विधायक जीतकर आए हैं। ये सीटें वीआइपी को भाजपा के साथ समझौत के बाद मिली थीं। मुकेश सहनी खुद भी चुनाव लड़े, लेकिन उन्‍हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

 

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