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औरंगाबाद में फ़ाइलेरिया की रोक थाम के लिए 21 दिसंबर से चलेगा अभियान, 33 लाख  लोगों को कराया जाएगा दवा का सेवन

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: औरंगाबाद जिले में फ़ाइलेरिया की रोक थाम को लेकर सर्वजन दवा का अभियान 21 दिसंबर से चलाया जाएगा । यह अभियान 14 दिनों तक चलाया जाएगा । इसे लेकर जिले के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई ।

वहीं इस अभियान के तहत अल्बेंडाजोल, डीइसी, आइवरमेक्टिन दवा के सेवन पर चर्चा की गई। डीएम ने सीएस डा. वीरेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डा. किशोर कुमार, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. कुमार महेंद्र प्रताप से अभियान पर विस्तृत समीक्षा की। अभियान को लेकर डीएम ने सभी संबंधित विभागों को सहयोग देने का निर्देश दिया। बताया कि फाइलेरिया दवा सेवन के दौरान किसी आपात स्थिति से निबटने के लिए प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा।

अभियान के तहत 33 लाख लोगों को दवा का सेवन कराया जाएगा। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि इसके लिए 1100 टीम गठित की जाएगी। फाइलेरिया की रोकथाम के लिए पूर्व में हुए सर्वजन दवा सेवन अभियान में डीइसी और अल्बेंडाजोल की दवा दी गई थी लेकिन इस बार इस अभियान के दौरान आइवरमेक्टिन दवा को शामिल किया गया है। यह तीनों दवा दी जाएगी। सर्वजन दवा सेवन अभियान का अनुश्रवण राज्य तथा केंद्र स्तर से भी किया जाएगा। बताया कि फाइलेरिया की जांच के लिए रक्त का नमूना लिया जाएगा। रक्त के नमूनों की जांच से क्षेत्र में फाइलेरिया प्रसार दर का पता चल पाएगा। मदनपुर, देव, कुटुंबा, नवीनगर, ओबरा, दाउदनगर, बारूण के अलावा अन्य प्रखंडों से रक्त के नमूने प्राप्त किए गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण

सर्वजन दवा सेवन अभियान को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. कुमार महेंद्र प्रताप द्वारा सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बीएचएम एवं बीसीएम को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है और इसकी रोकथाम जरूरी है। इस दौरान हाथीपांव, जनन अंगों के सूजन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई। सर्वजन दवा सेवन के तहत दिए जाने वाली दवाओं के बारे में बताया गया। साथ ही दवा के डोज के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि दवा का सेवन आशा अपने सामने कराएगी। दवा का सेवन खाली पेट में नहीं किया जाएगा।

आपको बता दें फ़ाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के अंगों में सूजन आ जाता है। खासकर हाथ, पैर और जनन अंगों को अधिक प्रभावित करता है। यह ठंड के कारण और अधिक बढ़ती है। इसमें ठंडक वाले खाद्य पदार्थ खाने की मनाही की जाती है। यह बीमारी  मादा एनोफ़िलिज मच्छर के काटने से फैलती है।

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