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पंचायत चुनाव: नीतीश कुमार का मास्टर स्ट्रोक, किसी की बात न मानी और निकाल दिया बीच का रास्ता,पढ़ें ये विशेष रिपोर्ट  

इस वक्त पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ा झटका दिया है. मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम् बैठक हुई. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब पंचायत चुनाव को अगले आदेश तक के लिए टाल जाय.

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जे.पी.चन्द्रा की विशेष रिपोर्ट

बिहार नेशन: इस वक्त पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ा झटका दिया है. मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम् बैठक हुई. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब पंचायत चुनाव को अगले आदेश तक के लिए टाल जाय.

वहीं इस कैबिनेट की अहम् बैठक में कुल 18 एजेंडों पर मुहर लगी. अब समय पर पंचायत चुनाव नहीं होने के कारण पंचायतों में ग्राम कचहरी, पंचायत समिति एवं जिला परिषद में परामर्श समिति का गठन किया जाएगा. सरकार इसे ही सभी तरह की वितीय शक्तियाँ और अधिकार देगी. जैसा की कयास लगाए जा रहे थें कि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को सरकार एक्सटेंशन देगी लेकिन अब यह नहीं होगा.

पंचायत चुनाव

अब इसके लिए पंचायती राज अधिनियम 2006 के अधिनियम के धारा 14,39,66 और 92 में संशोधन किया जाएगा. वहीं जबतक कि चुनाव नहीं हो जाता है राज्य सरकार बीच का रास्ता निकालेगी और नया अध्यादेश लाकर वर्तमान जनप्रतिनिधियों को शक्ति देगी, ताकि पंचायतों में विकास का कार्य प्रभावित न हो. वहीं परामर्श समितियों में वर्तमान पंचायत सदस्यों के साथ-साथ विधायक प्रतिनिधि को भी जगह दी गई है ताकि उनके क्षेत्र का विकास न प्रभावित हो .

corona

बिहार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण चुनाव कराना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. ऐसे में संविधान में यह प्रावधान नहीं है कि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को बढ़ाया जाएं. इसे ही देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. अब इस प्रस्ताव को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. आपको बता दें कि  पंचायत प्रतिनिधियों का वर्तमान में कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा   है.

गौरतलब है कि इससे पहले प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव, हम पार्टी सुप्रीमों एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सहित भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने मांग की थी कि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को बढ़ा दिया जाए. अब जबकि राज्य सरकार ने कैबिनेट में यह फैसला ले लिया है तो पूर्व सीएम मांझी ने इस फैसले के लिए सीएम को ट्वीट कर धन्यवाद दिया है. वहीं कांग्रेस के प्रेम चंद मिश्रा ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया है लेकिन आशंका जाहिर की है . उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लम्बे समय तक नहीं रहना चाहिए . भविष्य में पंचायत का चुनाव हो जाना चाहिए.

 

 

 

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