Bihar Nation
सबसे पहले सबसे तेज़, बिहार नेशन न्यूज़

PM मोदी बोलें, भारत न रूकता है, न हारता है, न हाँफ़ता है, न थकता है, अगले साल मैं ही फहराउंगा तिरंगा

0 170

 

जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: देश आज अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस की खास मौके पर देश आजादी के जश्न में डूबा हुआ है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और मुंबई से लेकर दिल्ली तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी लगातार 10वीं बार लाल किले के प्राचीन ध्वजारोहण किया और इस खास मौके पर देश की जनता को संबोधित भी किया।

15 अगस्त
15 अगस्त

पीएम मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि “यह मोदी की गारंटी है कि भारत अगले 5 वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा।” : “मैं उन सभी बहादुर दिलों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया।”

15 अगस्त
15 अगस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा,”दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अब जनसंख्या के मामले में भी अग्रणी देश। इतना बड़ा देश, मेरे परिवार के 140 करोड़ सदस्य आज स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।”

15 अगस्त

77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने मणिपुर में शांति की अपील की पीएम ने कहा,”देश मणिपुर के लोगों के साथ खड़ा है। समाधान केवल शांति से ही पाया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार समाधान खोजने के लिए सभी प्रयास कर रही है।”

15 अगस्त
15 अगस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है, “.इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के कई हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा कर दिया है। मैं इसका सामना करने वाले सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।”

15 अगस्त

77वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने देश के युवाओं को भी संबोधित किया। पीएम ने कहा, “देश में अवसरों की कोई कमी नहीं है, देश में अनंत अवसर प्रदान करने की क्षमता है।”

15 अगस्त
15 अगस्त

पीएम नरेंद्र ने लाल किले से बोलते हुए कहा, “मैं पिछले 1000 वर्षों के बारे में बात कर रहा हूं क्योंकि मैं देख रहा हूं कि देश के सामने एक बार फिर अवसर है। हम इस युग में क्या करते हैं, हम क्या कदम उठाते हैं और एक के बाद एक जो निर्णय लेते हैं आने वाले 1000 वर्षों में देश का स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होगा।”

15 अगस्त
15 अगस्त

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा, “2014 में जब हम सत्ता में आए तो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हम 10वें स्थान पर थे. आज 140 करोड़ भारतीयों के प्रयास से हम पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं, ये ऐसे ही नहीं हुआ .भ्रष्टाचार के राक्षस ने देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया था – हमने लीकेज रोकी और एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई।”

15 अगस्त

लाल किले से पीएम मोदी ने कहा,”सरकार पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए अगले महीने 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी।

15 अगस्त

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से बोलते हुए कहा, “दुनिया अभी भी कोरोना से उबर नहीं पाई है, युद्ध ने एक और संकट को जन्म दे दिया है, आज दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है. महंगाई ने पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है जब हम अपनी जरूरत का सामान आयात करते हैं, तो हम मुद्रास्फीति भी आयात करते हैं।

15 अगस्त

लेकिन, भारत ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रयास किए। हम सिर्फ इसलिए संतुष्ट नहीं हो सकते कि हमारी स्थिति बाकी दुनिया से बेहतर है। मुझे और कदम उठाने होंगे यह देखना है कि मेरे देश के नागरिकों पर महंगाई का बोझ और कम हो। हम वो कदम उठाएंगे और मेरे प्रयास जारी रहेंगे।”

15 अगस्त

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत जब ठान लेता है तो काम पूरा करता है, हमारा ट्रैक रिकॉर्ड कहता है, 25 साल से देश में चर्चा हो रही थी कि नया संसद भवन बनेगा। ये मोदी है, समय के पहले संसद बनाकर के रख दिया। यह एक ऐसी सरकार है जो काम करती है, जो निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करती है। यह नया भारत है। यह एक ऐसा भारत है जो आत्मविश्वास से भरा है.ये भारत ना रुकता है, ना थकता है, ना हंफता है और ना ही हारता है।”

15 अगस्त

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा, “वाइब्रेंट बॉर्डर गांवों को देश का आखिरी गांव कहा जाता था। हमने उस मानसिकता को बदल दिया। वे देश के आखिरी गांव नहीं हैं। आप सीमा पर जो देख सकते हैं वह मेरा पहला गांव है, मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि इन सीमावर्ती गांवों के 600 प्रधान हैं। वे इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए यहां लाल किले पर आए हैं।”

15 अगस्त

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष मनाएगा तो देश एक विकसित भारत होगा। मैं यह बात अपने देश की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कहता हूं…लेकिन समय की मांग तीन बुराइयों से लड़ने की है – भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टिकरण।’

Leave A Reply

Your email address will not be published.