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तेजस्वी ने ट्वीट कर सीएम नीतीश से पूछा -अब तो बता दीजिये 2 करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट में कितने फीसदी फर्जी टेस्ट थे?

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BIHAR NATION : तेजस्वी यादव इन दिनों कोरोना टेस्ट में हुए फर्जीवाडे़ को लेकर हमलावर हैं। नेता प्रतिपक्ष ने ट्वीट कर लिखा है कि आदरणीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, अब तो बता दिजिए बिहार में कागजों पर हुए 2 करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट में कितने फीसदी फर्जी टेस्ट थे? ट्वीट में तेजस्वी ने पूछा है कि 70-80 फीसदी या उससे भी अधिक? बिहार में सरकार द्वारा सत्यापित अब तक हुए 63 घोटालों में आपकी कोई भूमिका ही नहीं है, है ना? सब घोटाले भूतों ने किए?’ हालांकि दाग मिटाने के लिए बिहार सरकार ने सफाई दी है और कहा है कि एक-दो गलती से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करना ठीक नहीं है।

इससे पहले तेजस्वी ने कहा था कि बिहार में कोरोना घोटाला अरबों का है, जांच कराने वाले का नाम फर्जी, मोबाइल नंबर जीरो, पता और उम्र भी जीरो है। उन्होंने कहा था कि राजद की ओर से संसद में मामला उठाने के बाद मुख्यमंत्री घोटाला करने वालों से ही घोटाले की जांच करवा चंद घंटों में ही क्लीनचिट दिलवा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा है कि कोरोना काल में गायब रहे नेता अब बयानवीर बन रहे हैं। उन्हें कोरोना मरीजों की चिंता थी या उसमें किसी प्रकार की शिकायत की आशंका थी, तो उस वक्त नेता प्रतिपक्ष को भ्रमण करने में क्या परेशानी थी?

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विगत 11 महीनों में बिहार के चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों ने अथक परिश्रम और प्रयास कर बिहार में कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की। बिहार की बनती हुई छवि और बेहतर प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष को कभी पचा नहीं। मंगल पांडेय ने आगे कहा कि कोरोना जांच के संबंध में हुई डाटा इंट्री की गड़बड़ी की जानकारी जैसे ही प्राप्त हुई, विभाग ने उसी दिन मुख्यालय स्तर से 10 टीम बनाकर राज्य के सभी 38 जिलों में जिला प्रशासन से बात कर जांच के आदेश के साथ त्वरित कार्रवाई की गई, आगे भी किसी की गलती सामने आयेगी तो उसे भी दंडित किया जायेगा।

बता दें कि कोरोना टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को कहा था कि जमुई के बरहट और सिकंदरा में गंभीर मामले सामने आये हैं, इस लापरवाही के आरोप में जिले के सिविल सर्जन समेत कई अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

स्वास्थ्य प्रधान सचिव ने सफाई देते हुए कहा था कि अन्य जिलों में इस तरह के मामले हैं या नहीं इसकी जांच के लिए जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। 26 जिलों के जिलाधिकारी को रैंडम जांच करने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी प्रत्येक दिन तीन से चार प्रखंड में रैंडम जांच कर यह पता लगाएंगे कि फॉर्म में भरे गए मोबाइल नंबर और व्यक्ति मौजूद है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगह से यह रिपोर्ट आ रही है कि व्यक्ति तो मिल गया लेकिन उसका मोबाइल नंबर गलत है। ऐसा इसलिए भी हो सकता है कि कोरोना के पिक समय में लोग अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे।

इसबीच, देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव के निर्देश पर बुधवार को युवा राजद की तरफ से पटना में आक्रोश मार्च निकाला गया। दोपहर 1 बजे राजद के प्रदेश कार्यालय से युवा कार्यकर्ता और नेताओं आक्रोश मार्च निकाला जो आयकर गोलंबर तक गया। राजद के युवा कार्यकर्ताओं की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया गया।

देश में लगातार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हो रही है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें आसमान छू रही है, राजद जनता से जुडे़ इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की घेराबंदी में जुट गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों भी पेट्रोल डीजल की कीमतों के साथ-साथ रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि को महंगाई की बड़ी मार बताया था।

 

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