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पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की मौत का तिहाड़ प्रशासन ने की पुष्टि, ऐसा रहा उनका सफ़र

अब इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन नहीं थे. उनका दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया. कुछ दिन पहले कोरोना से संक्रमण के बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था

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दिल्ली: अब इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन नहीं थे. उनका दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया. कुछ दिन पहले कोरोना से संक्रमण के बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि इस बारे में सवेरे से लगातार सोशल मीडिया और अन्य जगहों से खबरे आ रही थी कि उनकी कोरोना से मौत हो गई है . लेकिन तिहाड़ प्रशासन इसकी खंडन कर रहा था. अब जाकर प्रशासन ने भी इस खबर की पुष्टि कर दी है.

सीवान लोकसभा से सांसद रह चुके शहाबुद्दीन का जन्म में 10 मई 1967 को हुआ था. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा  प्रातापपुर में हुई थी. शहाबुद्दीन 1980 में डीएवी कॉलेज से ही राजनीति में आ गए. उनकी पहचान भाकपा, माले और बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के रूप में हुई. उनके खिलाफ पहली बार 1986 में हुसैनगंज थाने में आपराधिक केस दायर दर्ज किया गया.उसके बाद लगातार उनपर मुकदमे दर्ज होते गए.

1990 में वे राजद पार्टी के युवा मोर्चा में शामिल हुए. सीवान विधानसभा क्षेत्र से 1990 और 1995 में जीत चुनाव जीता. जबकि 1996 में वे जनता दल के टिकट पर लोक सभा पहुंचे और राज्य मंत्री बनाया गया. हालांकि बाद में इस्तीफा देना पड़ा.

लेकिन 1 9 9 7 में वे फिर केंद्र से इस्तीफा देकर लालू यादव के साथ राज्य विधानसभा में आ गये. 2001 में राजद नेता की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस अफसर को थप्पड़ मारकर दबंग के रूप में सुर्ख़ियों में आएं. इसके बाद उनप कई मामले दर्ज हुए.विदेशी हथियार रखने  के मामले भी दर्ज हुए. उनपर सीवान के चंदा बाबू के बेटों की हत्या में अदालत ने सजा भी सुनाई थी. वहीं पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में भी नाम आया था. वे लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते थें. नब्बे के दशक में विधायक और सांसद रह चुके शहाबुद्दीन की पहचान दबंग के रूप में थी.

आपको बता दें कि सीवान लोकसभा से कई बार सांसद रहे शहाबुद्दीन उम्र कैद की सजा काट रहे थें. उन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया था. शहाबुद्दीन को पिछले महीने 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था. बता दे की सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें सीवान कोर्ट से दिल्ली के तिहाड़ जेल में 15 फरवरी 2018 को शिफ्ट किया गया था.

उनपर सीवान के चंदा बाबू के बेटों की हत्या में अदालत ने सजा भी सुनाई थी. वहीं पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में भी नाम आया था. वे लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते थें. नब्बे के दशक में विधायक और सांसद रह चुके शहाबुद्दीन की पहचान दबंग के रूप में थी.

जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

 

 

 

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