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औरंगाबाद जिला प्रवक्ता डॉ.रमेश यादव ने सीएम नीतीश के समाज सुधार यात्रा को बताया ढकोसला यात्रा

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन:  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस वक्त राज्य में समाज सुधार यात्रा पर निकले हुए हैं । प्रतिदिन किसी न किसी जिले में इस यात्रा को लेकर लोगों की भीड़ भी जुट रही है। लेकिन अब उनकी इस सुधार यात्रा को लेकर प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद हमलावर है। उनकी इस यात्रा को राजद के नेता ढकोसला बता रहे हैं । औरंगाबाद जिले के राजद जिला प्रवक्ता डॉ रमेश यादव ने निशाना साधते हुए सीएम नीतीश कुमार से पूछा है कि वे किस तरह की समाज सुधार कर रहे हैं ?  क्या लोगों की जान को खतरे में डालकर समाज सुधार का नाटक कर रहे हैं । एक तरफ पुरे देश में कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन का कहर जारी है तो वहीं दूसरी तरफ ये इसकी रोकथाम की बजाय लोगों की भीड़ जुटाकर कोरोना को और बढ़ावा नहीं दे रहे हैं ?   क्या ये कार्यक्रम सीएम नीतीश कुमार का ढकोसला नहीं है? क्या वे समाज सुधार के नाम पर सरकारी खजाने का दुरूपयोग नहीं कर रहे हैं ?

जिला प्रवक्ता डॉ रमेश यादव ने प्रेस प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का औरंगाबाद में समाज सुधार यात्रा बेरोजगार नौजवानों के मुंह पर तमांचा है जिसे नौजवान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे । आज बिहार के छात्र कॉलेज में नामांकन के लिए इधर -उधर भटक रहे हैं। उनका पढाई समाप्त होने के कगार पर है। लेकिन राज्य सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।

वहीं किसानों की समस्याओं पर भी राजद प्रवक्ता ने सीएम नीतीश कुमार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा की पूरे बिहार में खाद कमी के कारण किसान काफी मंहगे मूल्य पर युरिया 400रु और डी.ए.पी 1600,1700 रुपये प्रति बोरा खरीदने को विवश हैं। धान की बिक्री भी 1200 और 1300 रु प्रति क्विंटल किसानों के द्वारा किया जा रहा है। उसमें भी केवल बिचौलियों का धान खरीद की जा रही है।

उन्होंने नीतीश सरकार की शराब बंदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में नाम की शराब बंदी लागू है। सभी जगह यह मिल रहा है। यह पूरी तरह से फ़ेल है। वहीं भ्रष्टाचार पर निशाना साधते उन्होंने हुए कहा कि भ्रष्टाचार अब चरम सीमा पर है। कहीं भी बिना रिश्वत का कोई काम नहीं होता है। थानों में एफआईआर तक नहीं दर्ज की जाती है। गरीबों को वहाँ से भगा दिया जाता है।

वहीं अस्पतालों की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अस्पतालों में न तो प्रयाप्त मात्रा में चिकित्सक उपलब्ध हैं और न दवा । औरंगाबाद का सदर हॉस्पिटल जो मॉडल के रूप में जाना जाता है यहाँ सुविधाएं नगण्य हैं । अगर किसी की प्रसव ऑपरेशन से करने की नौबत आ जाती है तो यहाँ से बाहर जाना पड़ता है। क्योंकि यहाँ सुविधाएं नहीं हैं । गरीब महिलाओं को फर्जी अस्पताल में आपरेशन करवाने को विवश होना पड़ता है। जहाँ गरीबों का आर्थिक शोषण होता है।

उन्होंने एक माह पहले रफ़ीगन्ज थाना क्षेत्र में जीविका दीदी के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को भी उठाया और कहा कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और उसे केवल सामान्य  हत्या का मामला बताकर दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार जिन जीविका दिदियो के सहारे राजनीति चमकाने में लगे हैं वे भी आज उनके राज में सुरक्षित नहीं हैं ।

जिला राजद प्रवक्ता ने कहा कि करोना को बढ़ती प्रकोप को देखते हुए इस कार्यक्रम को तत्काल सीएम नीतीश कुमार को स्थगित कर देना चाहिए था । लेकिन उनकी यह यात्रा समाज सुधार यात्रा नहीं बल्कि बिहार में उनकी अंतिम राजनीतिक यात्रा है।

इस मौके पर औरंगाबाद राजद जिला प्रवक्ता डॉ रमेश  यादव के साथ जिला पार्षद शंकर यादवेंदू,अनिल यादव, शशि भूषण शर्मा, उदय उज्जवल, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, डॉ चन्दन कुमार सिंह,  महासचिव इंदल यादव, डॉ संजय यादव-जिला पार्षद,  अरविंद सिंह यादव, राधेश्याम सिंह यादव, एहसान अंसारी उपस्थित रहे ।

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