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नक्सलियों और कोबरा 205 टीम के बीच मुठभेड़,वहीं भाकपा माओवादी ने चिपकाया पर्चा

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: बिहार से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ बुधवार की देर शाम को नक्सलियों और कोबरा 205 टीम के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। यह घटना गया और औरंगाबाद जिले की सीमा पर पचरुखिया के जंगलों में हुई । इस दौरान नक्सलियों द्वारा दो आईईडी विस्फोट की भी खबर है। हालांकि इसकी चपेट में कोई नहीं आया है।

इसके बाद दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में नक्सलियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। फिलहाल शव को बरामद नहीं किया गया है। कुछ खून के धब्बे देखे गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार कोबरा 205 टीम सर्च ऑपरेशन पर थी। पचरूखिया के जंगलों में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच अचानक मुठभेड़ हो गई। इसी बीच नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट भी किया। दो आईईडी विस्फोट करने की बात कही जा रही है। इसके बाद दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई। बाद में नक्सली जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले। इधर कोबरा के जवानों ने मोर्चा संभाल कर पूरे जंगल में अभियान छेड़ दिया है। वरीय अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई और बाहर से टीम मंगाई जाने लगी।

वहीं इस संबंध में औरंगाबाद के एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कहा कि मुठभेड़ हुई है जिसमें नक्सलियों ने दो आईईडी विस्फोट की है। इसमें सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। एसपी ने कुछ नक्सलियों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शव बरामद नहीं हो सका है। नक्सलियों का कोई हथियार या अन्य सामग्री भी नहीं मिली है। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है। एसपी ने कहा कि सुरक्षा बल जंगल में हैं और उनसे संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

जबकि रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के सामने गुमटी पर प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी का पर्चा चिपकाया पाया गया है । इसमें लिखा है कि गांव में क्रांतिकारी किसान कमेटी प्रतिबंधित जमीन पर सामूहिक खेती की शुरूआत करे तथा कृषि क्रांति को लड़ाई को आगे बढ़ाएं। पोस्टर पर कई लोगों का नाम लिख कर प्रतिबंधित जमीन बिकवाने का दोषी करार देते हुए सजा देने की बात कही गई है। पुलिस ने पोस्टर को बरामद किया है। पोस्टर किस समय चिपकाया गया, किसी को मालूम नहीं। थानाध्यक्ष राम इकबाल ने बताया कि शरारती तत्वों का यह काम है।

क्राइम

आपको बता दें कि औरंगाबाद जिला की गिनती उग्रवाद प्रभावित जिले के रुप में की जाती है। यहाँ समय-समय पर नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए विस्फोट या अन्य तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं । हालांकि पुलिस की सक्रियता के कारण हमेशा इनके मंसूबे पर पानी फिर जाता है।

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