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मदनपुर में शौण्डिक परिवार ने समाज के जिला संरक्षक जगदेव प्रसाद के निधन पर किया श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: औरंगाबाद जिला के मदनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित धर्मशाला में बुधवार को शौण्डिक समाज के जिला संरक्षक सह समाज सेवी जगदेव प्रसाद के निधन पर शौण्डिक समाज के लोगो ने एक श्रद्धांजलि शोक सभा का आयोजन किया। श्रद्धांजलि शोक सभा की अध्यक्षता अखिल भारतीय शौण्डिक संघ के जिला अध्यक्ष मुद्रिका प्रसाद ने किया ।

इस मौके पर लोगो ने दो मिनट का मौन रखकर कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और स्वर्गीय जगदेव प्रसाद के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित किए। लोगो ने बताया कि जगदेव प्रसाद समाज के गरीब लोगों के हमदर्द थे। गरीबों के मदद के लिए हमेशा तैयार रहते  थे। वें शौण्डिक संघ ही नहीं बल्कि समाज के अन्य वर्ग एवं समुदाय के लोगों की भी मदद करते थे।

इस मौके पर वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवि शंकर कुमार ने सभा को संबंधित करते हुए कहा कि वे गरीबों के इस क्षेत्र में मसीहा थे। वे हमेशा गरीबों के बीच में रहकर लोगों की सेवा करते थे। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।

VPI पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवि शंकर कुमार

वहीं इस मौके पर समाजसेवी नागेंद्र प्रसाद गुप्ता  ने कहा कि उनके निधन से हमने एक अभिभावक को खो दिया । वे हमलोगों के लिए मार्गदर्शक थे। उन्होंने शौण्डिक समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया । उनकी क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता है। उनका योगदान अतुलनीय है।

समाजसेवी नागेंद्र प्रसाद गुप्ता

श्रद्धांजलि सभा में व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र गुप्ता, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवि शंकर कुमार,शौण्डिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष रंजन कुमार, प्रखंड उपाध्यक्ष अनिल ठकराल,नरेश्वर प्रसाद, प्रदीप गुप्ता, नागेन्द्र प्रसाद गुप्ता, संजय,अजय गुप्ता, अनिल, राजू, निरंजन गुप्ता आदि शामिल थे।

आपको बता दें कि जिले के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत जलवन गांव निवासी समाजसेवी जगदेव प्रसाद का सोमवार को निधन हो गया । वे बीमार थे। उनका इलाज़ जमुहार हॉस्पिटल (सासाराम) में चल रहा था। उनके निधन से पैतृक गांव जलवन से लेकर पूरा मदनपुर क्षेत्र शोकाकुल है। उन्होंने समाज में कई परोपकारी कार्य किये थे। वे हर समय गरीबों की मदद के लिए आगे रहते थे। उनके इस असमायिक मृत्यु से सभी स्तब्ध हैं । उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं ।

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