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पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों से 6720 बोतल यानी 2483 लीटर और 199 कार्टून में रखे 1773 लीटर विदेशी शराब किया बरामद

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: बिहार में पुलिस चाहे कितना भी सख्ती बरते लेकिन शराब माफिया इससे बाज नहीं आ रहे है। वे इसकी तस्करी के नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं । ताजा मामला औरंगाबाद जिले का जहाँ पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों से भारी मात्रा में ट्रक पर लदे विदेशी शराब को बरामद किया गया है। पहला मामला बिहार-झारखंड के बोर्डर एरका चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक सीमेंट ढोने वाला ट्रक को पकड़ा है। जिसकी तलाशी लेने पर उक्त ट्रक से ओल्ड हेैबिट ब्रांड के 6720 बोतल यानी 2483 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। वहीं ट्रक चालक छपरा जिले के निवासी संजीत कुमार प्रसाद एवं सह चालक रोहतास जिला निवासी पप्पू कुमार को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में जानकारी देते हुए उत्पाद विभाग के अपर निरीक्षक हैदर अली ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त ट्रक से झारखंड से भारी मात्रा में विदेशी शराब लोड कर औरंगाबाद लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई के दौरान यह सफलता हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि सरकार शराब के प्रति काफी सख्त है। इसे लेकर उत्पाद विभाग की टीम भी लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि शराब कारोबारी कोई भी हथकंडे अपना लें उनके मनसूबे को सफल नहीं होने दिया जायेगा।

वहीं दूसरा मामला दाउदनगर थाना क्षेत्र की है जहां पटना-औरंगाबाद पथ पर केरा के समीप गुप्त सूचना के आधार पर मद्य निषेध इकाई पटना व दाउदनगर थाना की पुलिस कार्रवाई में एक कंटेनर की जब जांच की गई तब उसमें से 199 कार्टून में रखे 1773 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई है। बरामद शराब की बोत्तलों में 375 एमएल और 180 एमएल की बोतले शामिल है। वहीं कंटेनर की चालक को गिरफ्तार किया गया है जो राजस्थान के चुरू जिला के सादुलपुर थाना क्षेत्र के मुंडीताल गांव निवासी बलवंत सिंह बताया जाता है।

शराब

हद तो तब हो गई जब शराब माफिया पुलिस की आंखों में धुल झोंकने के लिए कंटेनर के दरवाजे पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का स्लोगन लगा रखा था। वहीं कंटेनर के बाहरी हिस्से में प्लस पोलियो अभियान में इस्तेमाल किए जाने वाले खराब डिफ्रिजर रखा हुआ था। पुलिस कंटेनर को जब्त करते हुए गिरफ्तार चालक को मद्य निषेध अधिनियम के तहत जेल भेज दिया है।

इससे भी बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि ट्रक ड्राइवर ने इस धंधे को करने के पीछे बेरोजगारी को बताया। चालक का कहना था कि बिहार में कोई काम धंधा नहीं है। ऐसे में वह क्या करेगा । साथ ही उसने यह भी बताया कि इस काम में पैसा भी अधिक है।

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