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Rjd विधायक का यूं टर्न,कहा- हमारे मालिक हिना मैडम हैं,कहेंगे तो अभी पार्टी से इस्तीफा दे दूँगा

बिहार में सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के मौत के बाद लगातार सियासत में गर्मी छाई है। कल दिवंगत सांसद शहाबुद्दीन का 40 वां था । कई कद्दावर नेता उनके प्रति सहानुभूति जताने के लिये शामिल हुए

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जे.पी.चन्द्रा की रिपोर्ट

बिहार नेशन: बिहार में सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के मौत के बाद लगातार सियासत में गर्मी छाई है। कल दिवंगत सांसद शहाबुद्दीन का 40 वां था । कई कद्दावर नेता उनके प्रति सहानुभूति जताने के लिये शामिल हुए । सभी ने उनके परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। लकिन  इसी बीच सियासत भी तेज हो गई । राजद के रघुनाथपुर से विधायक हरिशंकर यादव ने एक प्रश्न जवाब में कहा कि वे रघुनाथपुर कि सीट छोड़ने को तैयार हैं लेकिन जब शहाबुद्दीन के परिवार के कहने पर ।

हिना और पुत्र ओसामा

विधायक हरिशंकर यादव ने ये बातें उस जवाब मे कही जब राजद के किसान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रवींद्र उर्फ गब्बर यादव ने कहा था कि उन्हें रघुनाथपुर की सीट दिवंगत पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के परिवार के लिये छोड़ देना चाहिए । वे बुधवार को प्रतापपुर दिवंगत पूर्व सांसद के 40 वां में पहुंचे थें । विधायक हरिशंकर यादव ने कहा कि हिना सहाब हमारी मालिक हैं वे अभी कहेंगी तो इस्तीफा दे देंगे । ये गब्बर- सब्बर कौन हैं इस्तीफा मांगने वाले जो चार दिन पहले बीजेपी से राजद में आए हैं।

हिना सहाब

आपको बता दें कि राजद के गब्बर यादव किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और उन्होंने रघुनाथपुर सीट से विधायक हरिशंकर यादव से सहानुभूति में दिवंगत शहाबुद्दीन के परिवार के लिये सीट छोड़ने के लिये कहा था । इसी बात पर यह पलटवार विधायक हरिशंकर यादव ने किया।  गौरतलब है की हरिशंकर यादव को विधायक पूर्व सांसद दिवंगत शहाबुद्दीन ने ही बनवाया था । हरिशंकर यादव उनके काफी करीबी थें । यहाँ तक दिवंगत सांसद के हरेक सुख -दुःख मे साथ रहते थें । दूसरी बार भी विधायक बनवाने में हरिशंकर यादव को उनके परिवार का काफी हाथ रहा है। हरिशंकर यादव दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना भगवान् मानते थें।

मालूम हो कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की मौत पिछले महीने ही कोरोना संक्रमण के कारण हो गई. वे सजायफ्ता थें और दिल्ली के तिहाड़ में सजा काट रहे थें. उन्हें कोरोना संक्रमण के बाद दिल्ली के अस्पताल में जेल प्रशासन ने भर्ती कराया था.  हालांकि उनकी मौत पर सोशल मीडिया में काफी खबरे आती रहीं और उनके परिवार ने इस बात का खंडन किया. लेकिन अंत में जेल प्रशासन ने इसकी पुष्टि की और उन्हें दिल्ली में ही दफना दिया गया.हालांकि उनके परिजनों ने बिहार में उनकी शव को लाने की काफी कोशिश की लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने और कोरोना संक्रमण के कारण उनके परिजनों को वहीं दफनाना पड़ा .

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